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एसएसपी कार्यालय में डीआईजी मनोज तिवारी के नेतृत्व में दरभंगा पुलिस की समीक्षा

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दरभंगा: बुधवार को दरभंगा जिले में मिथिला क्षेत्र के DIG मनोज तिवारी के निर्देशन में दरभंगा वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जिले के सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और अंचल पुलिस निरीक्षक की कार्य समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नव नियुक्त 2023 बैच के प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षक के कार्यों की भी गहन समीक्षा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में पुलिस कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाना, अपराध नियंत्रण की दक्षता बढ़ाना, थानों के संचालन में सुधार सुनिश्चित करना और आम जनता में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना था। बैठक की शुरुआत DIG मनोज तिवारी ने पुलिस अधिकारियों और प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए की। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन का सबसे बड़ा लक्ष्य अपराधियों पर सतत दबाव बनाए रखना और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों और प्रशिक्षुओं से कहा कि कांड अनुसंधान की गुणवत्ता, थाना अभिलेखों का व्यवस्थित संधारण, अपराध नियंत्रण और आगामी माह के कार्यों के प्रति पूरी तत्परता बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है। DIG मनोज तिवारी ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक मामले की जांच में तत्परता, प्रमाणों की सटीकता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना अनिवार्य है। बैठक में DIG मनोज तिवारी ने अधिकारियों और प्रशिक्षुओं को न केवल दिशा निर्देश दिए, बल्कि उन्हें व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि किस प्रकार गहन अनुसंधान, दस्तावेज़ प्रबंधन और अपराध नियंत्रण के प्रभावी उपाय अपनाकर जनता की सुरक्षा को बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षक को प्रत्येक थाने के कार्य, अपराध नियंत्रण की रणनीति और जनता से संवाद के तरीकों में कुशल होना चाहिए। बैठक में विशेष रूप से चार मुख्य बिंदुओं पर गहन दिशा निर्देश दिए गए: पहला, कांड अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार—प्रत्येक मामले की गहनता, तत्परता और तथ्यात्मक प्रमाणों की सटीकता सुनिश्चित करना। दूसरा, थाना अभिलेख प्रबंधन—सभी थानों में अभिलेखों का सुव्यवस्थित रखरखाव, समय-समय पर अद्यतन करना और रिपोर्टिंग की नियमितता बनाए रखना। तीसरा, अपराध नियंत्रण—प्रत्येक थाना और क्षेत्रीय टीम को अपराध रोकथाम में सक्रिय भूमिका निभाने और लगातार निगरानी रखने का निर्देश। चौथा, आगामी माह के कार्य—विशेष अभियानों, अपराध निगरानी, टीम समन्वय और निश्चित लक्ष्यों के समय पर निष्पादन को सुनिश्चित करना। बैठक में DIG मनोज तिवारी ने अधिकारियों को बताया कि केवल कागजी कार्रवाई या औपचारिक समीक्षा पर्याप्त नहीं है, बल्कि हर थाना क्षेत्र में वास्तविक धरातलीय कार्य, अपराधियों की पहचान, स्थानीय जनता से संवाद और अपराध रोकथाम के उपायों का ठोस परिणाम दिखना चाहिए। उन्होंने कहा कि अनुशासन, समर्पण और सतत प्रशिक्षण ही पुलिस विभाग की सबसे बड़ी ताकत है और यही जिले में अपराध नियंत्रण को प्रभावी बनाए रखती है। बैठक में प्रशिक्षुओं और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच खुला संवाद भी हुआ, जिसमें अनुभव साझा किए गए, कठिनाइयों पर चर्चा हुई और जमीनी स्तर की चुनौतियों का समाधान खोजने के सुझाव सामने आए। इस बैठक के बाद यह स्पष्ट हो गया कि दरभंगा जिले में DIG मनोज तिवारी के कुशल नेतृत्व में पुलिस प्रशासन न केवल अपराधियों के खिलाफ सतत दबाव बना रहा है, बल्कि प्रशासनिक कार्यों में भी नवीन ऊर्जा, समर्पण और दक्षता दिखाई दे रही है। यह बैठक जिले में पुलिस कार्यप्रणाली की मजबूती और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का प्रतीक है।

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